>हमर विआह-9

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अल्का के गेलाह बाद मिलय-बात करय के कतेक कोशिश करलौं. मुदा ओ हर बेर फोन काटि दैत रहलीह. मैसेज…एसएमएस के कोनो जवाब नहि देलीह. अहमदाबाद जाsक सेहो मिलय के कोशिश करलौं. मुदा ओ हमरा सं अतेक नाराज छलीह जे नहि मिललीह.
किछ दिन बाद पता चलल जे हुनकर शादी भ गेलन्हि. शादीक बाद ओ यूएस चलि गेलीह. फेर हम हुनका सं संपर्क करय के कोनो कोशिश नहि करलौं.
कई दिन तक कोनो काज मे मन नहि लागय… अनेरो एम्हर-ओम्हर भटकि…कई दिन तक छुट्टी पर रहलौं. धीरे-धीरे अपना के संभारय के कोशिश करय लागलौं. हंसी मजाक करय वाला आदमी गंभीर रहय लागल…अहां एकरा एकदम सं बदलाव कहि सकय छी.
काज मे मन लगाबए लागलौं. फेर काज के छोड़ि किछ नहि रहि गेल. बस काज…काज आओर काज. गाम…घर…देश…दुनिया सभ भूलि गेलहुं. मुदा ऐना कतेक दिन चलैत?
बीच-बीच मे मंडी हाउस के आसपास होए वाला कार्यक्रम मे जाए लगलौं. मैथिल सभ सं भेंट मुलाकात होए लागल. फेर अपना रफ्तार सं जिनगी चलय लागल…अल्का जेना कोनो बीतल जमाना के गप भ गेल होए. दिल-दिमाग सं धीरे-धीरे हटैत गेलीह.
एहि बीच कई बेर घर सं मां-बाबूजी शादी-विआह के गप करथिन्ह. मुदा हम टालि दैत रहलौं. बाबू जी जोर दैत रहलाह जे अहां के जतय पसंद होए ओतए गप कएल जाएत.
कॉलेजक लड़की सभ के संग हमर किछ फोटो देखला के बाद पंडित जी से मां-बाबूजी के भड़का देने छलखिन्ह. उल्टा-सीधा कहि देने छलखिन्ह…दू-चारिटा नून-मिरचाई लगा के.
मुदा हम हर बेर टालैट रहलौं. लोक सभ कहथिन्ह मां के ध्यान रखिऔं…आओर गाम-घर के लोक कहैत छलाह कतेक दिन एकसरे रहब.
हम बस एतबे कहिएन्हि जे हम त दिल्ली मे रहय छी. शादी करला के बाद कनिआ हमरा संग रहतीह त मां के कोन फायदा मिलतन्हि. आ अगर मां के संग रहतीह त हमरा की? तखन जेहिना छी तेहिना ठीक अछि अखन किछ दिन.
मुदा एहि सभ तर्क के कोनो असर पड़य वाला अछि की? नहि…एकदम सं नहि. शादी करय के छल हमरा… आओर परेशान पूरा गाम-घर के लोक… मातृक के लोक… रिश्तेदारी के लोक.
सभ अपना-अपना दिस सं कोशिश करथिन्ह. नीक-नीक परिवार…खानदान आओर लड़की देख मां-बाबूजी के पास भेजथिन्ह. किछ त डायरेक्ट हमरो पास अएलाह.
आओर श्वेताक जन्मदिन पार्टी मे जनाए एहि सिलसिला मे एकटा कदम कही सकय छी. श्वेताक फोटो देखि मन मे एक बेर फेर सं प्रेम जागए लागल छल. पार्टी मे मिलला के बाद आओर हुनका मे अल्का के एक झलक मिलला के बाद ई जोर मारय लागल.
एकटा नव दुनिया मे फेर सं विचरण करय लागलौं. नव-नव ख्याल आबय लागल. नव-नव सपना देखय लागलौं. नहि जानए की सभ सोचए लागलौं.
मुदा पार्टी मे अल्का के अएला के बाद हमर जीवन मे जेना हलचल मचि गेल.
अल्का सं ई भेंट छह साल बाद भेल छल. छह साल बाद अचानक मिलय
के खुशी मे ओ अपना मे नहि रहलीह. एकदम सं आ हमरा भरि पांज कसि लेलीह. कॉलेज के जमाना मे चलि गेलीह.
अल्का सं मिलला के बाद हमर पुरान प्रेम फेर सं हरिआ गेल…अजीब कशमकश मे फंसि गेलहुं.
श्वेता सेहो उलझन मे फंसि गेलीह. हुनका त किछ समझे मे नहि अएलन्हि. जे दीदी एकटा अनजान आदमी के संग ऐना किएक चिपैट पड़लीह. ओ एकदम सं टेंशन मे आबि गेलीह.
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हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com
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3 Responses to >हमर विआह-9

  1. Suresh Mishra on November 10, 2010 at 11:44 pm

    >bahut badhiya sir, kub nik

  2. Mriegank SHEKHAR on November 19, 2010 at 7:31 pm

    >lovely.

  3. >Thanx Mriegank jee.

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