> अहां सभ के नव वर्षक शुभकामना. केहन रहल नया साल के पार्टी. अखन गाम घर मे एतेक ठंड अछि जे घर सं निकलनाय मुश्किल जान पड़ि रहल अछि. सूरज महराज के दर्शन तक नहिं भs पाबि रहल अछि कई- कई दिन तक. हमर त एहन रहल जे साल के पहिल दिन दफ्तर गेलहुं आ ओतय रेस्ट्रां मे खाना खयला के बाद तबियत गड़बड़ भs गेल. खाना खायते मन...
> गप भेलाह के बाद बाबूजी त किछ शांत भेलाह मुदा मां के बेचैनी कम नहि भेलन्हि. मां बेर-बेर बाबूजी के कहैत रहलीह जे...