Katha-Pihani

Katha-Pihani, Kavita, kahani

नीक लोक

नीक लोक

> नीक लोक ओ जे रहैत अछि इमानदार बेइमानी जखन धरि रहैत अछि नुकाएल नीक लोक ओ जे रहैत अछि सत्यवादी पकड़ल नहि जाइत छैक जखन धरि झूठ नीक लोक ओ जे रहैत अछि संस्कारी जखन धरि आगू नहि आबैत छै राक्षसी प्रवृति नीक लोक ओ जे रहैत अछि विश्वासी जखन धरि मुँह नहि खोलैत अछि धोखा पाओल लोक नीक लोक ओ जे नहि करत अश्लील गप जखन धरि...

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एक धूर जमीन

एक धूर जमीन

> एक धूर जमीनक लेल जे अहाँ चिचिया रहल छी की सोचैत छी अहाँ संगे लऽ जाएब एक धूर जमीन सँ किछु नहि होएत साल आकि हजार सालसँ जमीन ओही ठाम छैक आइ छी अहाँ काल्हि नहि रहब जे अहाँक जमीन छेकने छथि ओ सेहो नहि रहताह मरलाक बाद चारि हाथ जमीन चाही अंतिम संस्कार लेल तकरा बाद सब छी माटि तखन एक धूर माटि लेल कथीले मरैत छी...

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मिठगर रौद

मिठगर रौद

> ठिठुरैत ठंढ़ाकें झटकारि कs प्रकृति पहिरलक वसन्तक आवरण खर पतवारके बहारि कs जाड़क मानू होलिकाक संग भेल दहन रंग बिरंगक फूलक छींटसं फगुआ खेलाओत पूरा वातावरण एहेनमे हर्षित भs सबहक प्रशंसा अछि सूर्यकें अर्पण जकर ऊष्मा पाबि कs आएल अछि अतेक सुन्दर परिवर्तन फागुनक मिठकर रौदसं डेराइत पड़ाइत माघ आ अगहन -ज्योति सुनीत चौधरी ( अर्चिस् ) (ज्योति जीक जन्म बेल्हवार, मधुबनी मे भेल छनि आओर लंदन मे...

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नोकरी आकि आजीवन कारावास

नोकरी आकि आजीवन कारावास

> नेनामे अहां घोंइट-घोंइट कs यादि करैत रहिऐ किताबक पन्ना सोचैत रहिऐ खूब पढ़ि-लिखि कs नीक सन नोकरी भेटत तहि लेल गिन-राति घसैत रही कलम क्लासमे अबैत रहि प्रथम मुदा जखन नहि भेटल सरकारी नोकरी तं प्राइवेट नोकरी करै पड़ल एहि समयमे नहि अपन लेल समए नहि परिवारक भरण-पोषणक लेल पाइ एहि ठाम विकट परिस्थितिमे मन पड़ैत अछि बरटोल्ड ब्रेस्ट हुनकर कहब छल जे एक गोटाकें कम दरमाहा देब...

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>गब्बर केर इंसाफ…

>गब्बर केर इंसाफ…

> देश मे चारु कात हाहाकार मचल रहैत अछि. लोक महंगाई… हिंसा… लूटपाट… रिश्वत… अफसरशाही… मिलावटखोरी… अराजकता… अव्यवस्था… घोटाला आओर भ्रष्टाचार सं परेशान रहैत अछि. त्राहि-त्राहि करैत रहैत अछि. एहि संकट… दुख के कोनो हल नहि दिखय छनि. अंधेरगर्दी सं निकलय के कोनो रास्ता नहि दिखाए छनि. एहि सभ सं तंग आबि एकटा बैसार कएल जाएत अछि. बैसार मे फैसला होएत अछि जे सभ लोक के गब्बर सिंह के...

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>हमर विआह-11

>हमर विआह-11

> गप भेलाह के बाद बाबूजी त किछ शांत भेलाह मुदा मां के बेचैनी कम नहि भेलन्हि. मां बेर-बेर बाबूजी के कहैत रहलीह जे अहां त एकरा एकदम हल्का सं लेने छिएन्हि. एकरा कनि सीरियस भ सोचिऔं. कनिओ ध्यान नहि द रहल छिएन्हि. एकदम सं अनठिएने छिएक. सभ किछ उम्रे पर नीक लगै छै…अखन नहि विआह करबन्हि त कहिआ करबन्हि? बूढ़ाs जएथिन्ह तखन करबन्हि की? बौआ केर तुरिया के...

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>हमर विआह-10

>हमर विआह-10

> जकर डर छल सेहे भेल. पार्टी मे आएल किछ महिला के लेल त जेना मुंह मांगल मुराद मिल गेल होए. गाम-घर के माए-बहिन के जखन शहरक कोनो मसाला मिलि जाए छनि त ओ ओकरा चटकार लsलsक सुनाबए छथीह. कानाफूसी शुरू भ गेल. मामला दिल्ली सं वाया रिश्तेदारी गाम तक पहुंचि गेल. सभ ठाम गप केर केंद्र अल्का के हमरा सं चिपैट जनाए. अगर ई चिपटनाए कॉलेज मे भेल...

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>हमर विआह-9

>हमर विआह-9

> अल्का के गेलाह बाद मिलय-बात करय के कतेक कोशिश करलौं. मुदा ओ हर बेर फोन काटि दैत रहलीह. मैसेज…एसएमएस के कोनो जवाब नहि देलीह. अहमदाबाद जाsक सेहो मिलय के कोशिश करलौं. मुदा ओ हमरा सं अतेक नाराज छलीह जे नहि मिललीह. किछ दिन बाद पता चलल जे हुनकर शादी भ गेलन्हि. शादीक बाद ओ यूएस चलि गेलीह. फेर हम हुनका सं संपर्क करय के कोनो कोशिश नहि करलौं....

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>हमर विआह- 8

>हमर विआह- 8

> श्वेताक जन्मदिन पार्टी सं डेरा त आबि गेलौं मुदा आब ध्यान श्वेता सं हटि क अल्का पर अटैकि गेल. एकदम सं फ्लैशबैक मे चलि गेलहुं. कॉलेजक दिन याद आबि गेल. बारहवीं के बाद कॉलेजक पहिल दिन. आओर ई पहिल दिन कहिओ नहि भूलय वाला. एहि दिन मिलल छलीह अल्का. क्लास मे विद्यार्थी सभ के इंट्रोडक्शन चलि रहल छल. सभ अपन-अपन परिचय द रहल छलखिन्ह. परिचय सं पता चलय जे...

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>हमर विआह -7

>हमर विआह -7

> पार्टी मे मौजूद सभ लोक एक दोसरा के मुंह ताकए लागलखिन्ह. हुनका सभ के किछ फुराए नहि छलन्हि कि ई कि भ रहल अछि. खुसुर-पुसुर शुरू भ गेल. कहां त हवा लागल छल जे श्वेताक लेल ई लड़का देखल जा रहल छै आओर ई त ! एम्हर अल्का के खुशी के कोनो ठिकान नहि छल. मुदा जखन हुनका ई भान भेलैन जे ओ पार्टी मे छथीह त अपना...

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