जीवन आ मृत्युक बीच में ठाड़ युवा लोक गायिका अंशुमालाक कद्रदान कतय नहि अछि. हुनकर दुनू किडनी ख़राब भ गेल अछि. बड़ आ सासुरक लोक हुनका सें आपन दामन छुड़ा लेने अछि. ताहि सें समाज आ सरकारक कोनो जिम्मदारी नहि बनैत अछि की? बेसी दिन नहि भेल अछि, दू बरख पहिने जिनकर लोक गायकी के कद्रदान पटना से ल क दिल्ली धरि छल. ओ आवाज एखन कतय अछि? अहि...

