> गप भेलाह के बाद बाबूजी त किछ शांत भेलाह मुदा मां के बेचैनी कम नहि भेलन्हि. मां बेर-बेर बाबूजी के कहैत रहलीह जे अहां त एकरा एकदम हल्का सं लेने छिएन्हि. एकरा कनि सीरियस भ सोचिऔं. कनिओ ध्यान नहि द रहल छिएन्हि. एकदम सं अनठिएने छिएक. सभ किछ उम्रे पर नीक लगै छै…अखन नहि विआह करबन्हि त कहिआ करबन्हि? बूढ़ाs जएथिन्ह तखन करबन्हि की? बौआ केर तुरिया के...






