>गणेश भगवान आई लक्ष्मीजी के संग हमेशा के लेल अहांक घर रहय आबि रहल छथिन्ह. बधाई हो… हितेंद्र कुमार गु्प्ता + 91- 9873606696 hellomithilaa@gmail.com
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> मिथिला मे महिला सभक बीच एकटा सभस लोकप्रिय पावनि अछि जितिया. ओना ई पावनि पूरा यूपी-बिहार केर महिला सभ करय छथिन्ह. हमर मां… दीदी… भाभी सभ कएने छथिन्ह. ई 21 सितम्बर के नहाय खाय सं शुरू भेल… 22 केर पूरा निराहार आओर निर्जला केर संग उपवास आओर 23 केर भोरे- भोर पारण. मिथिला मे एहि पावनि के सभ सं भारी पावनि कहल जाएत अछि. एकटा कहावत सेहो अछि...
> मिथिलाक किछ इलाका मे आई काल्हि इंद्रपूजा केर धूम अछि. कोसी केर बाढ़ि के कारण ओना एहि बेर उत्साह किछ कम अछि. दरभंगा राज कैम्पस... मधुबनी बाजार… राजनगर… झंझारपुर… बासोपट्टी कईठाम जोरशोर सं इंद्रपूजा भs रहल अछि. इंद्रपूजा केर शुरुआत शुक्रदिन 12 तारीख के भेल आ ई रवि दिन 21 सितम्बर तक चलत. दरभंगा मे पहिने बड़ धूमधाम सं होइत छल मुदा आब कहि सकय छी एकटा औपचारिकता...
>गया मे पितृपक्ष के मेला शुरू भs गेल अछि. एहिठाम फल्गु नदी के कात मे श्राद्ध आओर तर्पण कएल जाएत अछि. शास्त्र मे मनुष्य केर लेल तीन प्रकार के ऋण बताएल गेल अछि… देवऋण… ऋषिऋण आओर पितृऋण. स्वाध्याय सं ऋषिऋण… यज्ञ सं देवऋण आओर श्राद्ध…तर्पण सं पितृऋण सं मुक्ति मिलैत अछि. एहि तीनु सं मुक्ति बिना व्यक्ति केर कल्याण नहिं होएत अछि. एहि मुक्ति के लेल… मोक्ष केर लेल…...
>भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी कृष्ण जन्माष्टमी. हर साल भादो मास के अन्हरिया मे अष्टमी के मनाएल जाइत अछि. भगवान श्रीकृष्ण मध्यरात्रि के समय मथुरा मे अवतार लेने छलाह. भगवान पृथ्वी पर कंस आओर जरासंध के पाप के नाश करय लेल आएल छलथिन्ह. कृष्ण जन्माष्टमी के पूरा मथुरा कृष्णमय भs जाएत अछि. आजुक दिन भगवान के भव्य रूप के दर्शन करय लेल दुनिया भर सं लोक मथुरा पहुंचैय छथिन्ह....
>सामा-चकेबा मिथिलांचलक एकटा खास लोक पर्व अछि. ई सिर्फ मिथिलांचले टा में मनायल जाइत अछि. ई मिथिलाक लोक संस्कृति सं जुड़ल त अछिए..एकर पौराणिक मान्यता सेहो अछि. कहल जाइत अछि जे सामा भगवान श्रीकृष्ण के पुत्री श्यामा छलिह जे अपन पिताक श्राप के कारणे चिड़िया बनि गेलिह. एकर जिक्र विष्णु पुराण में सेहो मिलैत अछि. सामा चकेबा असल में भाई बहिनक प्रेमक पावनि अछि. अहि में सामा चकेवा… सतभइया…...
>छठ खत्म होयतहिं अपन मिथिलांचल में भाई बहिनक प्रेमक…स्नेहक पावनि सामा चकेबा शुरू भय जाय छै. जखन छोट छलहुं त गाम घर में दीदी…बुआ सभ के सामा चकेबा खेलैत देखय छलह…आओर हमहुं सभ ओहि में किछ न किछ करैत रहय छलहुं…बच्चा में ई सभ करय में बड़ मन लगय छै…नहिं किछ तं चुगला के जराबय के काज त होयते छल…आओर आखिरी दिन खाई लेल सेहो प्रसाद सभ मिलय छल....
>मिथिलाक सभस महत्वपूर्ण पावनि अछि छठ…आओर अखन गाम-घर, शहर सभठाम छठक तैयारी जोर शोर सं चलि रहल अछि…छठ में भगवान सूर्य के पूजा होइछन्हि…छठ पावनि हर साल दिवाली के बाद कातिक महीना के छठा दिन होइछ…कहि सकय छी जे कातिक मास के इजोरिया में षष्ठी तिथि के छठ पावनि शुरू होइ छै…कहल जाइछै जे भगवान दिनकर के पूजा…आराधना मात्र सं सभ मनोकामना पूरा होइ छै…तीनों लोक में शक्ति के...