Pawni- Tyohar

Pawni- Tyohar, parv, Festivals,

>अन्नकूट, पखेब,भाईदूज आओर चित्रगुप्त पूजा

>अन्नकूट, पखेब,भाईदूज आओर चित्रगुप्त पूजा

> दीपावली देखल जाय त एक दिनक पावनि नहिं अछि…ई पांच दिनक पावनि अछि जे धनतेरस सं शुरू भ भाईदूज के खत्म होयत अछि…ई कातिक अन्हरिया के त्रयोदशी सं शुरू भय इजोरिया के द्वितीया तक पंच महोत्सव के रूप में मनाबय जाइत अछि…त्रयोदशी के धनतेरस, चतुर्दशी के नरक चतुर्दशी या छोटका दिवाली, अमावस्या के दिवाली, प्रतिपदा के अन्नकूट या गोवर्धन पूजा या पखेब…आओर द्वितीया के भाईदूज आओर चित्रगुप्त पूजा.धनतेरस...

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>दीपावली आओर हुक्का-लोली

>दीपावली आओर हुक्का-लोली

> ऑर्कुट पर एकटा संगी छथिन्ह अल्का रंजन…अपन मिथिलांचल सं छथिन्ह…दीपावली सं एक दिन पहिने हुनकर स्क्रैप आयल जे सर मटिया तेल में हुक्का-लोली भिजौने छी कि नै?? सत्य कहल जाय त हम हुक्का लोली के अहि ठाम अयला पर एकदमे सं बिसरि गेल छलहुं..अल्काजी के स्क्रैप अयला पर मन गदगद भ गेल…मन भेल जे भरि पांज भरि क चुमि लिअ…मुदा एकटा तं ऑर्कुट छोड़ि कोनो जान पहचान नहिं..दोसर...

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>गामक कोजागरा

>गामक कोजागरा

> गाम घर सं बाहर रहला पर कतेक चीज पाछा छुटि जाइत अछि… एकरा अहां एहि बात सं बुझि सकय छी जे आई कोजगरा अई आ दिल्ली में रहला के कारण हमरा ध्यान पर नहिं छल…सांझ में जखन गाम फोन कयलौंह त मां कहलथिन्ह जे भैया पूजा के तैयारी में जुटल छथिन्ह…आई कोजागरा छै न ! …अहां पान मखान खा लेब…हम कहलन्हि हमरा ध्याने पर नहिं छल. गाम-घर पर...

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>नवरात्रि

>नवरात्रि

> आई सं देश भर में नौ दिन तक मनायल जाइ वाला शारदीय नवरात्र के शुरूआत भ गेल… शुरूआत जलयात्रा आ कलश स्थापन के साथ भेल…पितृपक्ष के बाद नौ दिन देवी के नौ स्वरुपक पूजा कएल जाइत अछि…प्रथम शैलपुत्री, द्वितीय नवरात्र ब्रह्मचारिणी देवी, तृतीय नवरात्र चंद्रघंटा, चतुर्थ नवरात्र देवी कुष्मांडा, पंचम स्कंदमाता, षष्ठ नवरात्र कात्यायनी, सप्तम नवरात्र कालरात्रि, अष्टम नवरात्र महागौरी आओर नवम नवरात्र में भगवती के सिद्धियात्री रूपक...

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>जीतिया पावनि

>जीतिया पावनि

>मिथिलांचल में पावनि केर कोनो कमी नहिं अछि…मधुश्रावणी, बरसाइत, सामा चकेवा , चौरचन, कोजगरा, जूड़िशीतल ऐहन कतेक पावनि अई…मुदा गाम घर सं बाहर रहला पर कई बेर पता नहिं चलय छै…एहने में एकटा पावनि जितिया पिछला हफ्ता मिथिलांचल में मनाओल गेल…धार्मिक आस्थाक संगहि संग प्रकृति आओर सामाजिक रूप सं अहि पावनि केर खास महत्व अई…एहि पावनि में माय सभ अपन पुत्र…संतान के दीर्घजीवी होबय के कामना करैय छथिन्ह…एहि पावनि...

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>मधुश्रावणी

>मधुश्रावणी

> आई प्रेस क्लब स बाहर निकलैत समय पवनजी मिल गेलाह…पुछलएन्हि कि औ बड़ दिन बाद दर्शन देलहुं…त कहलाह गाम गेल छलहुं मधुश्रावनी पर…पानि के कारण बाढ़ि में गामे पर फंसि गेलहुं एहि कारणे आबय में देर भ गेल…मधुश्रावणी के बात आबतहि मन भेल जे एकरा बारे में अहां सभ बात कएल जाय… मधुश्रावणी केर अपन मिथिला में विशेष स्थान अई…ई नवविवाहिता स्त्रीक पावनि अछि…नवकनिया सभ अपन पतिक दीर्घायु...

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>इंद्र पूजा

>इंद्र पूजा

> उत्तर बिहार या ई कहियौ मिथिलांचल में लगातार कई दिन सं भ रहल बारिश स इंद्र पूजा में ओतेक रमन चमन नहिं रहल…ओना इंद्र पूजा सभ ठाम होबो नई करय अ…दरभंगा, राजनगर आ मधुबनी में ई पूजा खूब धूमधाम सं मनायल जाइत अछि…ई तीनु जगह में मधुबनी में रमन चमन किछु ज्यादा रहय छै…दरभंगा में तS इंद्र भवन में पूजा होइत अछि आओर इंद्र मैदान में मेला लगैत...

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